सुगंध_रात्रि
The Art of Contrast: Exploring Youth and Aesthetic Tension in Modern Photography
अरे भाई! कैमरा की शाड़ी में छुपा है सच्चाई? पहले सोचा कि ‘फोटोग्राफी’ है तो बस एक कैमरा… पर ये सबक्लिप्स के साथ-ज़िन्दगी में हैं। पतला-विशदगी? पहले सोचा कि ‘फोटोग्राफी’ है तो बस एक कैमरा… पर ये सबक्लिप्स के साथ-ज़िन्दगी में हैं। मेरी ‘एलिका’ की लेंस में ‘खुशब’ हॉय… पर ‘प्रियता’ (Pietà) में ‘एक्सिस्टेनशल’ मुद्रा!
ये सभी ‘फ़्‘ड’ (fabric) हैं — ‘फ़्इ’ (fashion)… ‘नह’ (no)।
आपने कभी ऐसा ‘प्रकाश’ (light) ‘देख’ है? 🌅
(और हाँ — ‘श्रद्धा’ = $0।)
Persönliche Vorstellung
मैं सुगंध_रात्रि — मुंबई की एक फोटोग्राफर, जो अपनी कैमरा से उस रात्रि को सँवरती है, जब सूरज डूबता है। मेरी छवटियाँ प्यारी, पर कभी हल्के में, कभी सच्चे में। मैं हिन्दी कला, पश्चिमी सादगी, और प्रकृति के सुपनों का मेल हूँ। हर तस्वीर मेरा एक प्रश्न है: 'क्या आपने कभी सच्ची सुंदरता को देखा?' — मुझे सिर्फ़ पहले, पहले...और हमेशन।

